हरियाणा सरकार ने 2025 में राज्य के विकास और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए नए विधेयकों को विधानसभा में पेश किया।
हरियाणा विधानसभा में पारित हुए चार नए विधेयक
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का दसवां दिन संपन्न हो गया। बुधवार, 26 मार्च को जनहित में चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इसकी जानकारी स्वयं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।

1. हरियाणा ट्रैवल एजेंट रजिस्ट्रेशन विधेयक 2025
पर्यटन क्षेत्र को सुव्यवस्थित करने और ट्रैवल एजेंसियों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह विधेयक पेश किया गया है।
इसके तहत बिना वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र के कारोबार चलाने वाले एजेंटों के लिए अधिकतम 7 साल की कैद और ₹5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
- सभी ट्रैवल एजेंटों को सरकार से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
- बिना पंजीकरण के काम करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- ट्रैवल एजेंसियों के लिए ग्राहक सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र लागू किया जाएगा।
- ट्रैवल कंपनियों को सरकार के पर्यटन अभियानों से जोड़कर स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

2. हरियाणा गैंबलिंग (जुआ) नियंत्रण विधेयक 2025
राज्य में अवैध जुए की बढ़ती घटनाओं को रोकने और जिम्मेदार गेमिंग को बढ़ावा देने के लिए यह विधेयक पेश किया गया है।
इस विधेयक में मैच फिक्सिंग, चुनाव या खेलों में सट्टेबाजी करने वालों के लिए 3 से 5 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है. साथ ही प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी.
- ऑनलाइन और ऑफलाइन जुए को विनियमित करने के लिए सख्त कानून बनाए जाएंगे।
- अवैध सट्टेबाजी में लिप्त पाए जाने पर कठोर दंड और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।
- लाइसेंसीकृत कसीनो और गेमिंग जोन को नियंत्रित और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
- जुए की लत से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान और पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

3. हरियाणा संविदा कर्मचारी नौकरी सुरक्षा विधेयक 2025
यह विधेयक हरियाणा के सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और अनुबंध आधारित नौकरियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करने के लिए लाया गया है।
इसके तहत 15 अगस्त 2024 तक 5 वर्ष की सेवाएं पूरी करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
- सरकारी विभागों में संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने की नीति बनाई जाएगी।
- अनुबंध समाप्ति से पहले एक निश्चित नोटिस अवधि और मुआवजा देने का प्रावधान किया जाएगा।
- संविदा कर्मियों को न्यूनतम वेतन और अन्य लाभ देने के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू किए जाएंगे।
- अनुबंध नवीनीकरण की पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

4. हरियाणा शव सम्मान निपटान बिल भी आज सदन में पास किया गया है.
पिछले साल भी विधानसभा के बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक-2024 पारित किया था.
शव का सम्मानजनक अंतिम संस्कार विधेयक में क्या होगा?
गौरतलब है कि नए बिल के तहत अगर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा. वहीं, शव का सही तरीके से अंतिम संस्कार न होने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना भी भरना होगा और व्यक्ति को 3 साल की जेल भी हो सकती है. वहीं, शव रखकर प्रदर्शन करने के लिए उकसाने वालों को भी सजा होगी.
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार द्वारा पेश किए गए ये नए विधेयक राज्य के विकास को नई दिशा देने वाले हैं। सरकार का मानना है कि ये विधेयक पर्यटन, जुए के नियमन और संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा के क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएँगे। अब देखना होगा कि इन विधेयकों को मंजूरी मिलने के बाद इनका क्रियान्वयन किस तरह किया जाता है।